✨ श्री भगवान विश्वकर्मा प्रकटोत्सव : सृजन, श्रम और संस्कार का महापर्व ✨
संपूर्ण सृष्टि के रचयिता, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता
भगवान श्री विश्वकर्मा जी का प्रकटोत्सव
माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को
पूरे श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
भगवान विश्वकर्मा केवल एक देवता ही नहीं,
बल्कि कर्म, कौशल, परिश्रम और सृजनशीलता के प्रतीक हैं।
उन्होंने देवताओं के लिए स्वर्ग, इंद्रपुरी, द्वारका और अनेक दिव्य शिल्पों का निर्माण किया।
उनकी कृपा से ही मानव जीवन में
कला, तकनीक, उद्योग और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
🙏 आस्था और भक्ति का संगम
इस पावन अवसर पर
भगवान श्री विश्वकर्मा जी का
पूजन, अभिषेक, भजन-कीर्तन एवं महाप्रसाद
आयोजित किया जाता है।
यह पर्व हमें अपने कर्म के प्रति ईमानदारी,
अपने हुनर पर गर्व और
समाज के प्रति उत्तरदायित्व का संदेश देता है।
🌼 शुभकामनाओं का भाव
इस शुभकामना बैनर के माध्यम से
हम भगवान श्री विश्वकर्मा जी से प्रार्थना करते हैं कि—
- आपके जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहे
- आपके कार्यों में सफलता और सम्मान मिले
- आपके घर-परिवार में स्वास्थ्य और शांति का वास हो
- और समाज में एकता, सहयोग और उन्नति निरंतर बढ़ती रहे
📸 भक्ति के साथ आत्मीय जुड़ाव
इस बैनर की विशेषता यह है कि
एक ओर भगवान श्री विश्वकर्मा जी की दिव्य छवि है
और दूसरी ओर भक्त की तस्वीर लगाने का स्थान—
जो यह दर्शाता है कि
ईश्वर और भक्त के बीच
श्रद्धा, विश्वास और आत्मीयता का अटूट संबंध है।
🌺 हार्दिक शुभकामनाएँ
प्रकटोत्सव के इस पावन अवसर पर
आप सभी को
हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ।
🚩 जय श्री विश्वकर्मा 🚩
— सृजन के देवता, श्रम के आदर्श —